निम्नलिखित मुखपृष्ठों के विषय शीर्षक सीयर्स लिस्ट के अनुसार बनाइये
7.4 देखिये विषय निर्देश (See subject Reference)सीयर्स लिस्ट में काली स्याही से मुद्रित विषय शीर्षकों के साथ 'के लिए प्रयुक्त' (UF) पद के बाद मुद्रित शीर्षकों के लिये देखिये विषय शीर्षक (See Subject Reference) तथा 'व्यापक पद' (BT) पद के बाद मुद्रित शीर्षकों के लिये इसे भी देखिये विषय शीर्षक (See Subject Reference) तैयार करने का प्रावधान है। 'संकीर्ण पद' (NT) एवं 'सम्बन्धित पद (RT) पद के बाद लिखे गये शीर्षकों के लिये विषय शीर्षकों से विषय निर्देश बनाने का भी प्रावधान है।
8. 392117 Q BU HUYO (Title pages of Practice)
:1. INTERNATIONAL ENCYCLOPAEDIA OF SOCIAL SCIENCE/ Edited
by/David L.Sills/New york/The Macmillam Co / and the Free press/1972. Call no.: SZk N72
Acc. No. 15782 Pages: xi, 972
Size: 26cm. 2. FOREST UTILIZATION IN TAMILNADU/By/Dr. Chiman/Edited by S.k.
Bali/Fourth Edition/ 1978/Today and Tomorrow Publisher/New Delhi. Call No.JB:7:97.4411
N78 Acc.No.99827 Pages: xi, 211 Illustrated Size: 24 cm 3. Government of India/ Ministry of Health & Family Welfare/Seal of Govt. of
India/SURVEY OF INFANTAND CHILD MOTTALITY, 1989/1990/Manager of publication, Delhi. Call no. L9C:4.2 N89t4 N90
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Size; 22.5cm. 4. DIMENSIONS OF INDIAN EDUCATION /Edited by/Dr.R.P Sinha/and Miss
Shashi Prabha/ second revised edition/ Har Anand Books/ New Delhi, 1994. Call no. : T.2’N9 N94
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इकाई - 3 : एकल व्यक्तिगत लेखक (Single Personal Author)
उद्देश्य इस इकाई के निम्नलिखित उद्देश्य हैं1. लेखक, व्यक्तिगत लेखक एवं एकल व्यक्तिगत लेखक को परिभाषित करना, 2. एकल व्यक्तिगत लेखक के शीर्षक वरण एवं उपकल्पन के नियमों की विवेचना करना, 3. एकल व्यक्तिगत लेखक, सहकारक, ग्रन्थमाला आदि पर आधारित मुखप्रष्ठों की सूचीकृतकरने की विधि को समझाना ।
संरचना 1. लेखक की परिभाषा 2. व्यक्तिगत लेखक की परिभाषा 3. व्यक्तिगत लेखक के प्रकार 4. एकल व्यक्तिगत लेखक
4.1. परिभाषा 4.2. एकल व्यक्तिगत लेखक के नियम
4.3. एकल व्यक्तिगत लेखक के उपकल्पन के नियम 5. सूचीकृत मुखपृष्ठ 6. अभ्यास हेतु मुखपृष्ठ 7. विस्तृत अध्ययनार्थ ग्रन्थसूची 1. लेखक की परिभाषा (Definition of Author)
प्रत्येक ग्रन्थ का कोई न कोई लेखक अवश्य होता है । बिना लेखक के ग्रन्थ के अस्तित्व की कल्पना नहीं की जा सकती है । सामान्यतया लेखक का तात्पर्य ग्रन्थ के रचयिता से होता है |ए ए सी आर- 1 के अनुसार लेखक "वह व्यक्ति अथवा समष्टि 3निकाय है, जो ग्रन्थ के बौद्धिक अथवा कलात्मक अन्तर्वस्तु (Contents) के निर्माण के लिए उत्तरदायी होता है। उदाहरणार्थ एक ग्रन्थ का लेखक, एक ग्रन्थसूची (Bibliography) का संकलनकर्ता, एक संगीत ग्रन्थ का रचनाकार, चित्रांकन करने वाला चित्रकार, फोटो खींचने वाला फोटोग्राफर ।" 2. व्यक्तिगत लेखक की परिभाषा (Definition of Personal Author)
किसी ग्रन्थ की रचना एवं वर्णन शैली के लिये जब एक या अधिक व्यक्ति जिम्मेदार होते हैं तो उन्हें व्यक्तिगत लेखक कहते है । ए ए सी आर-2 में व्यक्तिगत लेखक को निम्नलिखित प्रकार से परिभाषित किया गया है
"ग्रन्थ के बौद्धिक अथवा कलात्मक अन्तर्वस्तु के निर्माण के लिये उत्तरदायी व्यक्ति को ही व्यक्तिगत लेखक कहते हैं ।" 3. व्यक्तिगत लेखक के प्रकार (Types of Personal Author)
सूचीकरण के दृष्टिकोण से व्यक्तिगत लेखक को निम्नलिखित श्रेणियों में विभाजित किया जा सकता हैं
(i) एकल व्यक्तिगत लेखक (Single personal Author)
(ii) व्यक्तिगत सहलेखक (Joint personal Author) 4. एकल व्यक्तिगत लेखक (Single Personal AUTHOR) 4.1 परिभाषा (Definition):किसी ग्रंथ की रचना एवं उसमें वर्णित विचार एवं अभिव्यक्ति के लिए जब मात्र एक व्यक्ति ही उत्तरदायी होता है, तो उसे एकल व्यक्तिगत लेखक कहते हैं । 4.2. एकल व्यक्तिगत लेखक के शीर्ष का वरण (Choice of Single Personal Author) | ए ए सी आर- 2 में एकल व्यक्तिगत लेखक के शीर्षक के वरण एवं उपकल्पन हे। निम्नलिखित नियमों का प्रावधान
| नियमांक 21.4A1: एक व्यक्तिगत लेखक का एकल ग्रन्थ, ग्रन्थों के संग्रह (या ऐसे संग्रहों का पुनर्मुद्रण आदि) को उसी व्यक्ति के नामान्तर्गत प्रविष्ट किया जायेगा चाहे उस व्यक्ति का नाम ग्रन्थ पर अंकित हो अथवा नहीं ।
नियमांक 22.1A: शीर्षक हेतु व्यक्ति के उस नाम का चयन किया जायेगा, जिस से वह सामान्यत: जाना जाता है । यह नाम व्यक्ति का वास्तविक नाम, कृत्रिम नाम अभिजात्य वर्ग की उपाधि, उपनाम, आद्यक्षर (Initials) या अन्य उपाधि कुछ भी हो सकता है । उदाहरणार्थ: Jimmy Carter
James Earl Carter नहीं Jawahar Lal Nehru J.L. Nehru नहीं
नियमांक 22.2C1: नाम में परिवर्तन : यदि कोई व्यक्ति (स्त्री या पुरुष) अपने में परिवर्तन करले तो नवीनतम (Latest) नाम या नाम का रूप प्रविष्टि पद के रूप में चयन किया जायेगा जब तक यह पूर्ण विश्वास न हो जाये कि पूर्व नाम ही अधिक प्रचलन में है ।
(उपर्युक्त नियम विवाहित महिलाओं जो विवाह के बाद अपने पति का पारिवारिक नाम जोड़ लेती हैं पर विशेष रूप से लागू होता है)
4.3 एकल व्यक्तिगत लेखक के उपकल्पन के नियम (Rendering of Single Personal Author)
नियमांक 22.4A: यदि व्यक्तिगत लेखक के नाम के कई भाग हों तो नाम के उस भाग का चयन प्रविष्टि पद के रूप में किया जायेगा जिसके अन्तर्गत उस व्यक्ति को अधिकारिक अनुवार्णिक सूचियों (Authoritative Alphabetic lists) में उसके देश या उसकी भाषा में प्रविष्ट किया जाता है । यदि इसमें कोई भिन्नता हो तो निम्नलिखित क्रम का प्रयोग किया जाता है।नियमांक 22.4B1: यदि प्रविष्टि पद लेखक के नाम का प्रथम पद हो तो नाम को प्रत्यक्ष क्रम में अंकित करेंगेउदाहरणार्थ: Ram Narain
Udai Singh अर्थात बिना कुल नाम के लेखकों के नामों को प्रत्यक्ष क्रम में अंकित करते
नियमांक 22.4B2: यदि प्रथम पद कुलनाम है तो उसके बाद कोमा (,) का होगाउदाहरणार्थ: Chiang, Kai-shek
(Name: Chiang Kai shek) अर्थात चीनी, थाई नामों को प्रत्यक्ष क्रम में अंकित किया जायेगा ।
नियमांक 22.4B3: यदि प्रविष्टि पद नाम का प्रथम पद न हो तो नाम के पदों को प्रविष्टि पद के पीछे अंकित करेंगे । प्रविष्टि पद के पीछे कोमा (,)
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