एक अर्थशास्त्री की जीवनी 923.3 (वैकल्पिक वर्गीक)
रिक्त अनुभागों को भी दीर्घ कोष्ठक में दिया गया है। तथा यह तथ्य शीर्षक के स्थान पर दीर्घ कोष्ठक में दी गई टिप्पणी द्वारा स्पष्ट कर दिया है। यदि पूर्व में इस अनुभाग का प्रयोग कभी गया हो तो उस नवीनतम संस्करणको एक अन्य टिप्पणी दवारा दर्शाया गया है।
[005] [Never assigned] [006] [Unassigned]| Most recently used in Eidition 16
ड्यूई दशमलव के 19 वें संस्करण में दीर्घकोष्ठक का प्रयोग एक अन्य उद्देश्य के लिए भी किया गया है। प्रभाग 920 तथा कुछ अन्य स्थानों पर वैकल्पिक वर्गीक भी दीर्घकोष्ठक के अन्दर दिए गए हैं। पिछले संस्करण में 'जीवनी -साहित्य' वर्गीक 920-928 के अन्तर्गत वर्गीकृत किया जाता था। किन्तु 19 वें संस्करण में विभिन्न विषय-विशेषज्ञों की जीवनी उनके विषय के अन्तर्गत वर्गीकृत की जाती है। तथा केवल विविध विषयों से सम्बन्धित व्यक्तियों की जीवनी को प्रभाग 920 के अन्तर्गत वर्गीकृत करने का प्रावधान है। विषय विशेषज्ञों की जीवनी के वर्गीकरण हेतु उनके विषय के वर्गीक के साथ मानक उपविभाजन (सारणी -1) से - 092 जोड़ दिया जाता है।
इन नवीन प्रावधानों के साथ एक वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में, समस्त 'जीवनीसाहित्य' को वर्गीक 920-928 के अन्तर्गत वर्गीकृत करने का पूर्वप्रचलित प्रावधान भी बनाए रखा गया है। ऐसे समस्त स्थानान्तरित वर्गीकों दीर्घकोष्ठक में इनके वैकल्पिक प्रयोग के निर्देश के साथ दिया गया है तथा अधिकारिक रूप से वरीय प्रावधान का वर्णन 920.1-928.9 (खण्ड 2, पृ. 1445) के अन्तर्गत किया गया है। उदाहरण - 330.092 (अधिकारिक वरीय वर्गीक) इसी प्रकार, वर्गीक [848.99] Fench language literatures not requiring local emphasis
के अंतर्गत दिए निर्देशानुसार इस वर्गीक का प्रयोग पुस्तकालयों हेतु वैकल्पिक ऐसे निर्देशों के अंतर्गत आधिकारिक रूप से वरीय, अर्थात लाइब्रेरी ऑफ कांग्रेस के दशमलव वर्गीकरण प्रभाग द्वारा प्रयुक्त वर्गीक भी दिया जाता है। उपर्युक्त वर्गीक [848.99] के अन्तर्गत वैकल्पिक प्रयोग के निर्देश के पश्चात, आधिकारिक रूप से वरीय प्रावधान का निर्देश भी दर्शाया गया है
Prefer 840-848 for literature of all countires
इसी तरह, जब किसी विषय को अन्य स्थान पर भी वर्गीकृत किया जा सकता है तो यह भी एक टिप्पणी if preferred, class with..... के द्वारा दर्शाया गया है। यह भी एक विकल्प है किन्तु इसको दशमलव वर्गीकरण पद्धति की आधिकारिक प्रयोगशाला अर्थात लाइब्रेरीऑफ कांग्रेस के दशमलव वर्गीकरण प्रभाग द्वारा प्रयुक्त नहीं किया जाता है। किन्तु यदि यह विकल्प किसी भी पुस्तकालय को उपयुक्त लगता है तो वह इसका लाभ उठा सकता है। gultas - 016 Subject bibliographies and catalogues if preferred, class
with the specific discipline or subject, using 'Standard Subdivisions' notation 016 from Table 1, eg. Bibliographies
of astronomy 520.16
(6) वर्गीक निर्माण के निर्देश (Formation of Class Number Notes)
यह निर्देश दशमलव पद्धति के संश्लेषणात्मक प्रावधानों का मुख्य आधार हैं। वैसे तो, सामान्यत: अनुसूची के किसी भी वर्गीक को आगे बढ़ाया जा सकता है। चाहे इसके लिए दिए हों अथवा नहीं। सारणी-1 में दिए गए मानक उपविभाजनों को किसी भी वर्गीक के साथ बिना निर्देश के भी जोड़ा जा सकता है। इन अन्तर्निहित प्रावधानों के अतिरिक्त अनेक वर्गीकों के साथ "जोड़िए" निर्देश मिल जाते हैं। इनकी सहायता से अनुसूची या किसी सारणी के अंको को निर्दिष्ट वर्गीक की आधार संख्या के साथ जोड़ा जा सकता है। आधार संख्या अंको की किसी श्रृंखला का वह भाग है जो पूरी श्रृंखला में अपरिवर्तित रहता है। इस संख्या के आगे अनुसूची या सारणी से निर्देशानुसार अंक जोड़े जा सकते हैं:यह "जोड़िए" निर्देश दो प्रकार के हो सकते हैं: (अ) एकल 'योजक' निर्देश'
अनेक वर्गीकों के अंतर्गत, उस वर्गीक की आधार संख्या के आगे अनुसूची से कोई अन्य सम्पूर्ण वर्गीक अथवा उसका एक अंश जोड़ने हेतु निर्देश मिल जाते हैं
547.35 Quantitative chemistry (Add to base number 547.35 the numbers following 545 in 545.01- 545.89)
ऐसे निर्देशों के साथ सामान्यत: कम से कम एक उदाहरण दिया जाता है ।। 169
(ब) सामूहिक 'योजक' निर्देश
कभी-कमी समजातीय वर्गीकों की पूरी श्रृंखला के साथ दूसरे अंकों को जोड़ा जा सकता है । ऐसी स्थिति में श्रृंखला के प्रत्येक वर्गीक में एकल 'योजक' निर्देश देने के बजाय पूरी श्रृंखला के लिए निर्देश एक स्थान पर दे दिए जाते हैं । यह निर्देश श्रृंखला के प्रथम वर्गीक के पूर्व दिए जाते हैं तथा जिन वर्गीकों के लिए प्रभावी होते हैं उनके शीर्षक के आरंभ में तारा (*) या कटार चिन्ह (t) अंकित कर दिया जाता है। इन तारांकित कटारांकित शीर्षकों वाले प्रत्येक पृष्ठ में एक पाटिप्पणी दी जाती है जिससे सामूहिक 'योजक' निर्देशों तक पहुंचने में सहायता मिलती है547.4 * Aliphatic compounds 547.41 * Hydrocarbons 547.411 * Paraffins 547.412 * Olefins (Alkenes)
547.413 * Acetylenics (Alkynes) इस पृष्ठ पर निम्नलिखित पाटिप्पणी दी गई है : * Add as instructed under 547 वर्गीक 547 के अंतर्गत निम्नलिखित निर्देश दिए गए हैं: Add to notation for each term identified by * as follows:
04 Special topics of general applicability 044 Theoretical Chemistry 045 Physical Chemistry 046 Analytical Chemistry 0464 Qualitative
0465 Quantitative उपर्युक्त निर्देशों के अनुसार अनेक संश्लेषित वर्गीकों का निर्माण किया जा सकता है। उदाहरण
Theoretical chemistry of paraffins 547.411 + 044 = 547.411 044 Analytical chemistry of paraffins 547.411 + 046 = 547.411 046
इन निर्देशों के द्वारा विभिन्न पक्षों का स्पष्ट उद्धरण क्रम निर्धारण कर देने से, वर्गीक निर्माण की क्षमता में बुद्धि तथा प्रक्रिया में सरलता आ जाती है।
2.22 मध्यवर्ती शीर्षक (Centered headings) |
कमी-कभी किसी विषय को एक वर्गीक से निरूपित करने के स्थान पर, क्रमिक वर्गीकों की एक श्रृंखला तक विस्तृत कर दिया जाता है। इसे दर्शाने के लिए श्रृंखला के प्रथम तथा अन्तिम दोनों सीमावर्ती वर्गीकों को हाइफन (-) द्वारा जोड़ा जाता है। यह मध्यवर्ती शीर्षक अथवा प्रविष्टि अनुसूची में अनुभाग या उसके किसी उपविभाजन के स्तर पर हो सकती है। यह हमेशा पंक्ति के मध्य की ओर दी जाती है जिसके बायीं ओर से हाशिये पर एक निर्देशक त्रिकोण ] मध्यवर्ती शीर्षक की ओर संकेत करते हुए दिखाई देता है। उदाहरण - ► 383 - 384Specific kinds of communications > 384.1 - 384.7 Telecommunication
यह प्रावधान स्पष्ट रूप से पदानुक्रम के सिद्धान्त की अवहेलना करता है। किन्तु साथ ही विभिन्न उपविभाजनों के वर्गीकरण हेतु असामान्य स्थान भी प्रदान करता है। मध्यवर्ती शीर्षक अनुसूची के अंतर्गत एक मुद्रण युक्ति साधन है। अत: प्रायोगिक वर्गीकरण में इसका प्रयोग उसी प्रकार नहीं किया जा सकता जिस प्रकार यह दिया हुआ है। इस विषय पर व्यापक कृतियों के वर्गीकरण हेतु सदैव एक विशिष्ट वर्गीक का प्रयोग करने के निर्देश अवश्य ही दिए रहते हैं। उपर्युक्त वितीय उदाहरण में मध्यवर्ती शीर्षक
384.1-384.7 Telecommunication के पश्चात यह निर्देश दिया गया है :
Class comprehensive works in 384
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